ज़माना हमे कहे आशिक, इससे पहले हम फ़ना हो जायेंगे,
न देंगे कहने ज़माने को, कहीं दूर निकल जायेंगे,
ना होंगी ये मीलों की दूरी, ना होगा कोई फासला,
बस हम दोनों कहीं दूर गगन में, दुनिया बसा जायेंगे,
कभी तुम सोचोगे गर तो, तुम्हे तारों की सैर करा लायेंगे,
बस यु ही मुस्कुराते रहना, गमो की शाम को अलविदा हम कह जायेंगे,
एक तेरी झलक को तरसे, इतना तरसाना अच्छा नहीं,
तुझको आँखों मे ही बंद करके, तुझे चुरा ले जायेंगे,
तू ही ज़िन्दगी है, ज़िन्दगी को जन्नत बना ले जायेंगे,

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