ज़िन्दगी फूलों की सेज ना सही,
काटों पर चलकर तो देखूं,
ज़िन्दगी बिना रास्ते की सवारी ना सही,
सैर कर के तो देखूं,
ज़िन्दगी बंशी की बयार ना सही,
उसे बजा कर तो देखूं,
ज़िन्दगी प्यार का नाम ना सही,
प्यार कर के तो देखूं,
ज़िन्दगी चेहरों का जाम ना सही,
जाम बनकर तो देखूं,
ज़िन्दगी गमो की हँसी ना सही,
हँसी बनकर तो देखूं,
ज़िन्दगी आँखों का उजाला ना सही,
उजाला फैला के तो देखूं,
ज़िन्दगी तू सच मे ना सही,
सच बना के तो देखूं,

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